Career Tips: ऐसे चुनें वोकेशनल कोर्स, मिलेंगे जॉब के अवसर ही अवसर

दिल्ली विश्वविद्यालय में कुछ वोकेशनल कोर्स नए हैं तो कुछ तीन-चार दशक पहले ही शुरू किये गए हैं। जैसे कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज ने चार दशक पहले 1972 में कई तरह के वोकेशनल कोर्स शुरू किये थे, जो छात्रों की उद्योग जगत से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखकर विशेषज्ञता प्रदान करते हैं।

इनमें ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, मार्केटिंग मैनेजमेंट एंड रिटेल बिजनेस, टूरिज्म मैनेजमेंट, मैनेजमेंट एंड मार्केटिंग एंड इंश्योरेंस, ऑफिस मैनेजमेंट एंड सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज तथा मैटीरियल मैनेजमेंट जैसे कोर्स शामिल हैं।

अलग-अलग स्पेशलाइजेशन वाले ये कोर्स छात्रों को विभिन्न क्षेत्रों की नौकरियों के हिसाब से तैयार करते हैं। इनके पाठ्यक्रम की रूपरेखा में समय-समय पर फेरबदल भी किये जाते रहे हैं, जैसे स्टोर मैनेजमेंट को बदलकर अब मैटीरियल मैनेजमेंट कर दिया गया है।

दो साल पहले रामानुजन और कालिन्दी कॉलेज में नए तरह के वोकेशनल कोर्स शुरू किये गए हैं। ये कोर्स छात्रों की सहूलियत के हिसाब से तैयार किये गए हैं। इनमें रामानुजन कॉलेज में बीए वोकेशनल इन बैंकिंग एंड फाइनेंस और एक अन्य कोर्स सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का है।

दोनों ही पाठ्यक्रमों में दाखिला पाने वाले छात्रों का अगर साल भर की पढ़ाई पूरी करके बाहर जाने का इरादा है तो वे यह विकल्प चुन सकते हैं। एक साल में उन्हें डिप्लोमा का प्रमाण-पत्र मिलेगा। इसी तरह दो साल में उन्हें एडवांस्ड डिप्लोमा और तीन साल में डिग्री मिलेगी।

अगर वे एक साल का कोर्स करने के कुछ समय बाद आगे की पढ़ाई यानी एडवांस्ड डिप्लोमा या डिग्री के लिए आवेदन करना चाहें तो यह भी संभव है। यह विकल्प कालिन्दी कॉलेज में उपलब्ध है। यहां बीए वोकेशनल के दो कोर्स शुरू किये गए हैं। पहला कोर्स वेब डिजाइनिंग का है और दूसरा पॉरटिंग टेक्नोलॉजी का।

कॉलेज आफ वोकेशनल स्टडीज में यह सुविधा छात्रों को नहीं मिलती। यहां तीन वर्षीय डिग्री कोर्स चलाया जा रहा है, जिसमें छात्र को अपनी तीन साल की पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे डिग्री मिलती है, डिप्लोमा नहीं। इसके अलावा यहां रिटेल मैनेजमेंट और हेल्थकेयर मैनेजमेंट जैसे कोर्सभी हैं, जो छात्रों को बीए वोकेशनल के रूप में अध्ययन का मौका देते हैं।

इनके अलावा महाराजा अग्रसेन कॉलेज में मीडिया से जुड़ा कोर्स एडवांस्ड डिप्लोमा इन टीवी प्रोग्राम एंड न्यूज प्रोडक्शन है। जो छात्र इनसे हटकर सिर्फ एक या दो पेपर के रूप में वोकेशनल विषय लेना चाहते हैं, उनके लिए यह सुविधा कई कॉलेजों में उपलब्ध है।

दाखिले की प्रक्रिया
इन पाठ्यक्रमों में दाखिला कट ऑफ के आधार पर मिलता है। सभी पाठ्यक्रमों में अलग-अलग कट ऑफ निकाली जाती है। जो छात्र इनमें दाखिला पाना चाहते हैं, वे कट ऑफ लिस्ट में अपना नाम आने के बाद दाखिला पा सकते हैं। इससे पहले छात्रों को अपना रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। कॉलेज फिलहाल इसे अपने बलबूते चला रहे हैं।

पोस्ट ग्रेजुएशन
बहुत से छात्रों को ऐसा लगता है कि वोकेशनल कोर्स करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन का रास्ता बंद हो जाता है, पर यह सिर्फ एक मिथक है। रामानुजन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी अग्रवाल के मुताबिक जिस तरह स्नातक छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, उसी तरह इस कोर्स को करने वाले छात्र भी सिविल सर्विस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं।

इसके अलावा अगर वे चाहें तो अपने विषय के अनुरूप किसी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं, अगर वे चाहें तो विभिन्न विषयों में एमए, एमफिल और पीएचडी भी कर सकते हैं।
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Career Tips: ऐसे चुनें वोकेशनल कोर्स, मिलेंगे जॉब के अवसर ही अवसर Career Tips: ऐसे चुनें वोकेशनल कोर्स,  मिलेंगे जॉब के अवसर ही अवसर Reviewed by Rkz Theatre Team on June 26, 2018 Rating: 5

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