अगर 12वीं में आए हैं कम नंबर, तो ये हैं कई कोर्स, जहां बनेगा बेहतर भविष्य

बारहवीं बोर्ड के नतीजे आ चुके हैं। बहुत से स्टूडेंट्स के लिए उनका रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक या उससे ज्यादा रहा लेकिन कई स्टूडेंट्स अपना बेस्ट देने के बाद भी कम स्कोर से मायूस हैं और अब टॉप कॉलेज व अपनी मनपसंद स्ट्रीम में एडमिशन हासिल न कर पाने की फिक्र में डूबे हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह फिक्र आपको दिशाहीन बना देगी और आप उन रास्तों को भी नहीं देख पाएंगे जो आपके लिए अब भी खुले हैं। आपके लिए यह समझना जरूरी है कि एक एग्जाम का स्कोर आपके पूरे कॅरिअर की राह निर्धारित नहीं कर सकता।

एक बार आप सही दिशा पकड़ लेंगे तो आगे चलकर प्रोफेशनल लाइफ में आपके मार्क्स और कॉलेज के टैग से ज्यादा अहमियत आपके टैलेंट, स्किल्स और नॉलेज की होगी। ऐसे में अपने कॅरिअर को फिर से ट्रैक पर लाना चाहते हैं तो ये उपाय अपना सकते हैं।

ऐसा कोर्स चुनें जिसमें दाखिला एंट्रेंस एग्जाम बेस्ड हो
सभी अच्छे कोर्सेज में एडमिशन के लिए 12वीं के मार्क्स को आधार नहीं बनाया जाता। कई कोर्स ऐसे भी हैं जिनके लिए एंट्रेंस एग्जाम लिया जाता है और 12वीं का स्कोर सिर्फ एलिजिबिलिटी का मापदंड होता है सलेक्शन का नहीं। ऐसे में अगर आपका स्कोर एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया (आमतौर पर 55 से 75%) से मैच करता है तो आपके सामने एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन लेने का एक और मौका है।

इंजीनियरिंग, डिजाइन, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर, जर्नलिज्म/मास कम्यूनिकेशन, होटल मैनेजमेंट, चार्टर्ड अकाउंटेंसी, लॉ जैसे कई कोर्स एंट्रेंस बेस्ड होते हैं और आपके बोर्ड मार्क्स को ज्यादा तवज्जो नहीं देते। दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी बीए (आॅनर्स) ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस, बीए (आॅनर्स) बिजनेस इकोनॉमिक्स, बीटेक इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैथेमैटिकल इनोवेशन्स जैसे कोर्सेज में भी सीधे एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर दाखिला दिया जाता है। कई और यूनिवर्सिटीज में भी यह सुविधा है।

याद रखें : अगर आप यह राह चुनते हैं तो तैयारी में कोई कसर न छोड़ें और अपना 100 फीसदी दें। आपकी यह कोशिश आपको एक अच्छे कॉलेज में एडमिशन दिलाकर एक साल बर्बाद होने से बचाएगी।

कम लोकप्रिय या टीयर 2 कॉलेज चुनें
इसमें कोई शक नहीं कि मुंबई यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी अपने आपमें बड़े ब्रांड नेम बन चुके हैं। लेकिन क्या सिर्फ यहीं से पढ़ने वाले कामयाब कॅरिअर बना सकते हैं? बिलकुल नहीं। देश में ऐसे कई इंस्टीट्यूट हैं जहां फैकल्टी ही नहीं बल्कि प्लेसमेंट, कोर्स और एक्सपोजर टॉप कॉलेजों के स्तर का होता है।

यहां एडमिशन की कट आॅफ डीयू या अन्य टॉप यूनिवर्सिटीज की तरह आसमान नहीं छूती है। इनमें कुछ प्रमुख नाम हैं सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी, अम्बेडकर यूनिवर्सिटी-नई दिल्ली, पंजाब यूनिवर्सिटी-चंडीगढ़, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी-बेंगलुरु, सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी-पुणे, यूनिवर्सिटी आॅफ कोलकाता, जामिया मिलिया इस्लामिया आदि। अपनी पसंद के कॉलेज की लिस्ट को विस्तार देकर आप अच्छे कॉलेज में अपने पसंदीदा कोर्स में दाखिला लेने में कामयाब हो पाएंगे। लोकप्रिय यूनिवर्सिटी के टीयर 2 और टीयर 3 कॉलेजों को एक्सप्लोर करें जहां कुछ कोर्सेज की कट आॅफ कम होती है। इससे कम स्कोर के साथ भी टॉप यूनिवर्सिटी का टैग हासिल कर सकते हैं।

याद रखें- अपने शहर से बाहर के कॉलेजों में अप्लाय करने से घबराएंगे तो आप अपने ही आॅप्शन कम कर लेंगे। आपके लिए यह समय पूरी दुनिया एक्सप्लोर करने का है।

स्किल बेस्ड कॅरिअर का रुख करें
हार मानकर बैठने की बजाय यह सोचें कि अब आपको ऐसे कॅरिअर्स को एक्सप्लोर करने और आजमाने का मौका मिला है जिनके बारे में आपने पहले कभी सोचा ही नहीं था। अब आप न्यू एज के ऐसे स्किल बेस्ड कॅरिअर्स का रुख कर सकते हैं जो टैलेंट पर आधारित होते हैं न कि फॉर्मल डिग्री पर।

फिर चाहे वह आंत्रप्रेन्योशिप हो, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी या ब्लॉगिंग। ग्राफिक डिजाइन, एथिकल हैकिंग, फैशन स्टाइलिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, एप डेवलपमेंट या फिल्म मेकिंग भी कुछ ऐसे आकर्षक फील्ड हैं जहां आपका 12वीं का स्कोर कोई मायने नहीं रखता। इन ऑप्शन्स को एक्सप्लोर करने के लिए सबसे पहले इन पर रिसर्च करें और देखें कि क्या विकल्प मौजूद हैं। हो सकता है इनमें आपको अपनी रुचि का कोई आॅप्शन मिल जाए जिसके बारे में आपको पहले कोई जानकारी न रही हो।

याद रखें- फील्ड कोई भी चुनें, फोकस स्किल्स सीखने पर हो। सर्टिफिकेट कोर्स करें, इंटर्नशिप करें, कॅरिअर क्लब जॉइन करें और फील्ड के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करें। एक मजबूत और वजनदार प्रोफाइल के साथ आपका लो स्कोर किसी को नजर नहीं आएगा।

इम्प्रूवमेंट एग्जाम दें
खराब स्कोर की वजह तलाशते हुए क्या आपने यह पाया कि ऐसा आपकी कमजोर स्ट्रैटजी के कारण हुआ और आप इससे बेहतर नतीजे ला सकते हैं या तैयारी के दौरान आपकी लापरवाही के चलते ऐसा हुआ और अब आपकी आंखें खुल गई हैं तो ही इम्प्रूवमेंट एग्जाम देने का फैसला तर्कसंगत होगा। बोर्ड एग्जाम की तरह यहां आपको एक प्राइवेट कैंडिडेट के तौर पर सभी पेपर्स दोबारा देने होंगे जिसके लिए नई मार्कशीट मिलेगी। इसकी तैयारी के लिए आपको पूरा वर्ष चाहिए या कुछ महीने और आप कॉलेज में एडमिशन लेंगे या एक साल ड्रॉप करेंगे यह फैसला आपको लेना है।

याद रखें- अगर अपने सब्जेक्ट में आपकी रुचि नहीं है और पहले अटैम्प्ट में ही आपको स्कोर करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी हो तो यह रास्ता न अपनाएं। पूरी संभावना है कि दूसरी बार भी आप बहुत अच्छा स्कोर न कर पाएं।
(इस लिंक (Acting Tips Video) पर क्लिक कर देखें एक्टिंग से संबंधित कई टिप्स)

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अगर 12वीं में आए हैं कम नंबर, तो ये हैं कई कोर्स, जहां बनेगा बेहतर भविष्य अगर 12वीं में आए हैं कम नंबर, तो ये हैं कई कोर्स, जहां बनेगा बेहतर भविष्य Reviewed by Rkz Theatre Team on June 05, 2018 Rating: 5

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