जब मनोज बाजपेयी ने बताए एनएसडी के गेट की वो कहानी, कैसे हुया ये वाक्या

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक वामन केंद्रे के साथ मनोज वाजपेयी ने एक मंच पर एनएसडी के दिनों को याद किया और शेयर किए अपनी लाइफ के कई किस्से।

हिंदी सिनेमा के चंद अभिनेताओं में से एक मनोज वाजपेयी को आज कौन नहीं जानता है। लेकिन उन्होंने एक किस्सा याद करते हुए कहा कि ‘इसलिए मुझे जब यहां एक क्लास लेने के लिए चैक मिला तो यह मेरे लिए बहुत गर्व का विषय था? मुझे लगा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय ने मेरे संघर्ष को सम्मानित किया है। मुझे राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय अपने से अलग नहीं मानता है? आज मुझे यहां भी बुलाया गया है? मैं इस दिन को कभी भुला नहीं पाऊंगा?’

वहीं एक नॉन एक्टर ने उनसे पूछा कि एक्टिंग आती कैसे है? तो मनोज ने जवाब दिया कि  एक्टिंग कोई आपको सिखाता नहीं है। एक माहौल दिया जाता है जहां आप एक्टिंग के लिए जरूरी क्राफ्ट सीखते हैं? क्राफ्ट एक साइंटिफिक चीज है और उसे सीखना ही पड़ता है।

उन्होंने बताया कि स्ट्रगल के दिनों में वो दिल्ली में कहां कहां रहे। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली में यमुना विहार, मुखर्जी नगर, शकरपुर जैसे इलाकों में रहा हूं।

तिलक ब्रिज के पास रेलवे क्वार्टर में भी रहा। मुझे सुबह 7 बजे गुलमोहर पार्क पहुंचना होता था जहां बैरी जॉन के साथ वर्कशॉप होती थी। वर्कशॉप खत्म करके फिर मंडी हाउस आना होता था। एनएसडी में नहीं होने पर मुझे कुछ समझ में नहीं आया कि मैं क्या करूं क्योंकि मेरे पास कोई ‘प्लान-बी’ नहीं था।
(इस लिंक (Acting Tips Video) पर क्लिक कर देखें एक्टिंग से संबंधित कई टिप्स)

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जब मनोज बाजपेयी ने बताए एनएसडी के गेट की वो कहानी, कैसे हुया ये वाक्या जब मनोज बाजपेयी ने बताए एनएसडी के गेट की वो कहानी, कैसे हुया ये वाक्या Reviewed by Rkz Theatre Team on July 05, 2018 Rating: 5

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